मेरान्यूज़ नेटवर्क.सूरत: अमरोली में डेढ़ साल पहले एक  दो साल की मासूम से दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। जिसमें बच्ची को चॉकलेट देने का लालच देकर शत्रुघ्न यादव नामक आरोपी खेत में ले गया। और मासुम से ज्यादती की थी। इस मामले की ऑनलाइन सुनवाई के दौरान सेशंस कोर्ट ने शत्रुघ्न को मरते दम तक जेल में रखने की सजा सुनाई है।

मेडिकल जांच में मासूम बच्ची के शरीर में कुल 12 और आंतरिक हिस्से में चोट के 4 निशान पाए गए थे। मेडिकल सबूत, सीसीटीवी फुटेज के अलावा गवाहों के बयान से केस और मजबूत हुआ। एपीपी किशोर रेवलिया ने दलील दी कि, मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाने वाले को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि, आरोपी को फांसी की सजा दी जा सकती है। लेकिन उसे पश्चाताप करने और इसे गंभीरता से लेने के लिए आरोपी को मरते दम तक जेल में रखना चाहिए।

क्या था पूरा मामला

11 मार्च 2019 को मोटा वराछा की झोपड़पट्टी में रहनेवाला पिता सुबह 8 बजे काम पर चला गया था। और 11 बजे पत्नी उसे टिफिन देने गई थी। इसी बीच उनकी दो साल की मासुम बेटी लापता हाे गई। बादमें काफी खोजबीन के बाद देर रात माता-पिता ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।

पुलिस की जांच में पड़ोसी शत्रुघ्न यादव उर्फ बिजली की पोल खुल गई थी। और वह सीसीटीवी फुटेज में बच्ची को गोद में ले जाकर जाते हुए दिखाई दिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी बच्ची को अब्रामा रोड पर गन्ने के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया और उसे रोते हुए वहीं छोड़कर फरार हो गया। दूसरे दिन बच्ची खेत में रोते हुए मिली।