राजकोट : शहर के पुनितनगर के पास वृंदावन ग्रीन सिटी नामक कंस्ट्रक्शन साइट का काम चल रहा है।गुरुवार की दोपहर यहां रहकर काम करते आदिवासी परिवार की 6 साल की मासुम लापता हो गई। दूसरे दिन सुबह पास में ही उसकी गला काटकर हत्या की गई लाश मिलने से हड़कंप मच गया है। अंधश्रद्धा के कारण मासुम की बली चढ़ाई गई होने की आशंका पुलिस ने जताई है। हालांकि हत्या की गुत्थी सुलजाने के लिए पुलिस द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। 

संवाददाता के मुताबिक, वृंदावन ग्रीन सिटी में मजदूरी करते दाहोद के अरविंद अमलीयार की 6 वर्षीय बेटी नैन्सी गुरुवार की दोपहर 3 बजे लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी उसके नहीं मिलने पर परिजनों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिसने भी अनजान व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। 

हालांकि शुक्रवार सुबह पास में स्थित एक कमरे से नैन्सी की हत्या की हुई लाश मिली। और पासमें ही हत्या के लिए उपयोग किया गया छुरा भी मिल गया। हालांकि 6 साल की मासुम को किसने और क्यों मौत के घाट उतारा ? यह जानने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस ने परिजनों समेत पड़ोसियों की पूछताछ शुरु की। जिसमें कुछ सुराग पुलिस के हाथ लगे है।

पुलिस के मुताबिक, पिछले चार महीने में परिवार के चार बच्चों की बीमारियों से मौत हुई है। कुछ दिनों पहले एक भेंस व बकरे की भी मौत हुई थी। इतना ही नहीं अरविंद की बहन भी बीमार चल रही है। जिसके चलते अंधश्रद्धा के कारण मासुम की बली चढ़ाई गई होने की आशंका है। साथ ही नैन्सी अरविंद की पहली पत्नी रेखाबेन की बेटी है। जबकि अभी सौतेली माता कालीबेन के साथ रहती थी। जिसके तीन भाई इसी साइट पर काम करते है। ऐसेमें सौतेली मां द्वारा यह हत्या किए जाने की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता है। 

अरविंद ने बताया कि, 2012 में उसने रेखा से शादी की। जिससे नैन्सी की प्राप्ति हुई। लेकिन दो साल के बाद रेखा से तलाक हो गया था। और 2015 में उसने इसी साइट पर काम करनेवाली कालीबेन से विवाह कर लिया। जिससे भी कीर्ति नामक तीन साल की बेटी है। बहरहाल पुलिस ने अरविंद समेत उसकी दूसरी पत्नी कालीबेन और उसके तीनों भाइयों की पूछताछ शुरू कर दी है।