पोरबंदर : 16 अगस्त को बरडा डुंगर के जंगलो से गर्भवती महिला गार्ड, उसके पति और एक श्रमिक  का शव मिला था। पुलिस ने मामले का खुलासा कर आरोपी फॉरेस्ट गार्ड एल.डी. ओडेदरा को गिरफ्तार किया है। उसने साथी महिला गार्ड के एकतरफा प्यार में यह कदम उठाया होने का स्वीकार किया है। और पुलिस ने उस पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। 

पुलिस के मुताबिक, दो साल पहले आरोपी फॉरेस्ट गार्ड एलडी ओडेदरा की मुलाकात हेतलबेन से हुई। दोनों के बीच पहले अच्छी दोस्ती थी, लेकिन ओडेदरा शारीरिक संबंध बनाना चाहता होने की हकीकत को जानने के बाद हेतलबेन ने उससे दूरी बना ली । और इस बात को लेकर आएदिन दोनों में झगड़े होने लगे। जिसके चलते आरोपी ने हेतलबेन की हत्या करने का मन बना लिया था।

शनिवार को हेतलबेन पति कीर्तिभाई और श्रमिक भूराभाई के साथ अपनी निजी कार से कार्यस्थल बीट गोढ़ाणा के लिए ड्यूटी पर रवाना हुई। इसी बीच में मौका देखकर ओडेदरा ने एक-एक कर तीनों को मौत के घाट उतार दिया। और दूसरे ही दिन से हंमेशा की तरह नौकरी भी करने लगा था। ताकि, किसीको भी उस पर शक न हो जाए। हालांकि हेतलबेन के पिता द्वारा अपनी शिकायत में उस पर शक जताया। इसी कारण पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर की गई कड़ी पूछताछ में सारी हकीकत सामने आई है। 

तीनो ही मृतक सुरेंद्रनगर पाटडी तहसील के सडला गांव के निवासी थे। हेतलबेन 3 सालों से फॉरेस्ट की बीटगार्ड थीं और उनके पति सडला गांव में सरकारी टीचर थे। वहीं सहायक भूराभाई फॉरेस्ट का श्रमिक कर्मचारी था। वहीं, हेतलबेन को 8 महीने का गर्भ था और वह अगले कुछ दिनों में छुट्टी पर जाने वाली थीं। लेकिन एकतरफा प्यार में पागल ओडेदरा को उसके होनेवाले बच्चे पर भी दया नहीं आई। और उनको हंमेशा के लिए छुट्टी पर भेज दिया।