प्रशांत दयाल (मेरान्यूज, अहमदावाद): जीतू वाघाणी, आप के नाम के आगे आदरणीय या मित्र लिखना उचित नहीं लगा इस लिए सीधा आपका नाम लिखकर सम्बोधन कर रहा हु. राजनीति एक अलग विषय है और संबंधो की पवित्रता एक अलग विषय है. मगर ये बात आपको समाजमें नहीं आयेंगी क्योकी जहाँ आपका राजकीय पालन-पोषण हुआ है वहा इस प्रकार की शिक्षा का अभाव है. राजकीय विचारधारा अलग हो सकती है, आप कांग्रेस पर और कांग्रेस आप पर आक्षेप करे वो बात हमको समज में आती है क्योंकी दोनों पार्टीया सत्ता चाहती है. यहाँ पर ये सवाल नहीं है की आप दोनों में से को सच्चा और कौन जूठा है. लेकिन आपने गुजरात के राधनपुर में एक भाषण में राहुल गाँधी के खिलाफ जो शब्द प्रयोग किये उसके लिए आपको कहा है की आप कोइ टपोरी नहीं, आप गुजरात प्रदेश भाजपा प्रमुख है. 

जीतू वाघाणी आप ने राधनपुर में अपने भाषण में कहा की राहुल गाँधी देश की संस्कृति कैसे समज पाएंगे? क्योंकी राहुल गांधी जन्मे तब से उनके पालने के आसपास कमांडो तैनात थे.  जीतू वाघाणी आपकी बात सच है. लेकिन कौन कहाँ जन्म लेगा वो कुदरत तय करती है. राहुल गाँधी का जन्म 19 जून 1970 को हुआ तब उनकी दादी इंदिरा गाँधी सत्ता में थी.जिसकी वजह से स्वाभाविक है की उनकी रक्षा के लिए कमांडो तैनात होंगे. लेकिन उसका ये मतलब नहीं है की धनवान संस्कारी नहीं होते. हमारे देश में मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, रतन ताता जैसे उद्योगपति धनवान परिवार में ही जन्मे तो स्वाभाविक है की उनकी सुरक्षा के लिए भी कमांडो तैनात होंगे, तो उन उद्योगपतिओं को भी पूछना चाहिए की उनको देश संस्कार के बारे में कैसे पता चला. 

संस्कारो को गरबी या मालेतुजारी से कोइ नाता नहीं है. जीतू वाघाणी आपका जन्म 11 सितम्बर 1970 में हुआ था. हाल में आप की उम्र भी राहुल गांधी जितनी ही है. आप तो कोइ श्रीमंत परिवार में नहीं जन्मे 
तो फिर आपको संस्कारी होना चाहिए था, मगर आप ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुवे कहा की 'राहुल गांधी  को स्तनपान कराया जाता होगा तब भी कमांडो वहा तैनात होते होंगे की नहीं वो मुझे नहीं पता.' जीतू वाघाणी आप के पास बजी माँ है, आप के बच्चो को भी माँ है, आप को तो स्तनपान की पवित्रता का ख्याल होना चाहिए. गुजरात के आदिवासी एरिया के मजदूर जब शहरों में काम की तलाश में आते है तो उनकी महिलाए रोड की साइड या तो काम करने की जगह पर साड़ी के पल्लू में बच्चे स्तनपान कराती है और वहा से गुजरनेवाले किसी व्यक्ति की नजर में कभी विकार नहीं आता क्योंकी स्तनपान अत्यंत पवित्र और ईश्वरने दुनिया में जन्मे बच्चे को दिया हुआ पहला आशीर्वाद है. यह आशीर्वाद आपको और मुझे भी मिला था. लेकिन आपने कुछ लोगो की तालिया बटोरने के लिए इस पवित्र संबधो को बिच में उछाला. में आपसे ये भी नहीं कहूंगा की आपको अपने बयान पर माफी मागणी चाहिए क्यों की आपसे ये अपेक्षा नहीं की सकती, क्योंकी आपकी डिक्शनरी में माफी मांगना या माफी देना जैसा शब्द नहीं है. जीतू वाघाणी आपको राहुल गाँधी से कई सारी शिकायते होंगी लेकिन शायद आपको सबसे ज्यादा ये बात पे नाराजगी होगी की राहुल गांधी कमांडो की सुरक्षा में रहे है. 

जीतू वाघाणी ज़रा सोचिये अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संतान या पोते होते तो वो भी कमांडो की सुरक्षा में रहते. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अहमदाबाद स्थित घर पर उनके परिवार की सुरक्षा के लिए कमांडो तैनात है, तो फीर अमित शाह के बेटे जय शाह की काबिलियत पर भी चर्चा होनी चाहिए. जीतू वाघाणी जब आप 14 साल के थे तब आप के परिवार में भी किसी की मृत्यु हुई थी. तब आपने दुखी होकर जरूर आसूं बहाये होंगे, शायद आप के परिजन की ह्त्या भी नहीं हुई थी. लेकिन राहुल गाँधी जब 14 साल के थे तब उनकी दादी इंदिरा गांधी की हत्या उनेक ही सुरक्षा गार्ड्स ने कर दी थी.  तब राहुल गाँधी किशोरावस्था में थे तो उनको शायद बड़ा सदमा भी लगा होगा और डर भी लगा होगा. इस घटना के सात साल बाद राहुल गांधी के पिता जो की देश के प्रधानमंत्री थे उनकी भी मानबम से हमला कर ह्त्या कर दी गयी थी. ज़रा सोची तब राहुल गांधी 21 साल के थे और उनके अपने पिता की चिता को अग्निदाह देना पड़ा होगा तो उनके कितना दुख, दर्द सहना पड़ा होगा उसकी हम और आप कल्पना भी नहीं कर सकते. 

भाजपा सत्ता में आये या कांग्रेस इस से आम जनता की परेशानी में कोइ सुधार नहीं आनेवाला. लेकिन जब आप राजनीति में है तो आपको उसकी गरिमा का भी ख्याल रखना चाहिए. हमें डर इस बात का है की आप के ऐसे भाषण सुना कर कही हमारी आगामी पढ़ी गलत बोधपाठ न ले. जीतू वाघाणी आपको गुजरात प्रदेश भाजपा का पद अमित शाह की महेरबानी से मिला है, लेकिन ये जरूरी नहीं की अमित शाह को अच्छा लगे ऐसी भाषा का प्रयोग आप अपने भाषणों में भी करे. जीतू वाघाणी मुझे आपको और कुछ नहीं कहना.   

(प्रशांत दयाल, पत्रकार, मेरान्यूज)