मेरान्यूज नेटवर्क.नई दिल्ली:  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 8 नवंबर 2019 को पारित किए गएप्रस्ताव के तहत मोटर वाहन स्पिरिट (पेट्रोल)एमएस और हाई स्पीड (डीजल)एचएसडी के थोक और खुदरा विपणन का अधिकार दिए जाने के नियमों को सरल बना दिया है। इसका उद्देश्य एमएस और एचएसडी के विपणन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाना है। इसमें यह शर्त रखी गई है कि खुदरा अथवा थोक विपणन का अधिकार प्राप्त करने की इच्छुक इकाई के पास आवेदन करते समय 250 करोड़ रुपए और खुदरा तथा थोक विपणन दोनों का अधिकार पाने के लिए 500 करोड़ रुपए की न्यूनतम राशि का होना जरूरी है। इसके लिए आवेदन मंत्रालय द्वारा जारी आवेदन पत्र में सीधे भेजे जा सकते हैं। खुदरा विपणन के अधिकार के लिए आवेदन करने वाली इकाई को विपणन का अधिकार मिलने के बाद कम से कम 100 खुदरा दुकानें खोलनी होंगी। इसके साथ ही मंत्रालय ने पेट्रोलियम उत्पादों के विपणन के लिए पहले बनाई गई सख्त नीति के कई प्रावधान सरल बना दिए हैं और ऐसे उत्पादों के लिए विपणन का बड़ा क्षेत्र खोल दिया है।इस नीति में देश में परिवहन ईंधन के विपणन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है। उक्त दिशानिर्देश मंत्रालय की वेबसाइट  (http://petroleum.nic.in/sites/default/files/Resolution_Transprotation.pdf)along with the prescribed Application Form (http://petroleum.nic.in/sites/default/files/Control%20Order.pdf).पर उपलब्ध हैं।

इस विषय पर किसी भी तरह की जानकारी के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के लैंडलाइन नंबर: + 91-11-2338 6119/6071 (सोमवार से शुक्रवार के बीच कार्यालय समय के दौरान)कॉल कर सकते हैं।

पेट्रोल और डीजल के थोक और खुदरा विपणन का अधिकार पाना सरल हो जाने से इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र के साथ ही विदेशी कारोबारियों की भागीदारी भी बढ़ाई जा सकेगी। यह वैकल्पिक ईंधन के वितरण और दूरदराज के क्षेत्रों में खुदरा नेटवर्क के विस्तार को प्रोत्साहित करेगा और ग्राहक सेवा को बेहतर बनाएगा।