नई दिल्ली: राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों में 11 अप्रैल, 2020 से शुरू होकर 12 जुलाई, 2020 तक 1,60,658 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थानीय सर्कल कार्यालयों द्वारा टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया। 12 जुलाई, 2020 तक,  राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार में राज्य सरकारों द्वारा 1,36,781 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण कार्य किया गया है।

12 और 13 जुलाई, 2020 की दरम्यानी रात में राजस्थान के 7 जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुनू और अलवर में 26 जगहों, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक जगह और हरियाणा के महेंद्रगढ़ और भिवानी जिलों में 2 स्थानों पर एलसीओ द्वारा टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया। इसके अलावा, 12  और 13 जुलाई, 2020 की ही दरम्यानी रात में हरियाणा के भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों में 2 स्थानों पर और उत्तर प्रदेश के सीतापुर तथा गोंडा जिलों में 2 स्थानों पर संबंधित राज्य कृषि विभाग द्वारा टिड्डियों के छोटे और बिखरे समूहों को नियंत्रित करने के लिए टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया।

अभी राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्प्रे वाहनों के साथ 60 नियंत्रण टीमों को तैनात किया गया है और केंद्र सरकार के 200 से अधिक कर्मचारी टिड्डी नियंत्रण कार्यों में लगे हुए हैं। इसके अलावा, 20 स्प्रे उपकरण प्राप्त हुए हैं और टिड्डी नियंत्रण कार्य के लिए तैनात किए गए हैं। टिड्डियों पर नियंत्रण की क्षमता को मजबूत करने के लिए 55 अतिरिक्त वाहन भी खरीदे गए हैं और इन्हें टिड्डी नियंत्रण कार्य में लगाया गया है।

इसके अलावा, राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर और फलोदी में 15 ड्रोनों के साथ 5 कंपनियों को कीटनाशकों के छिड़काव के माध्यम से ऊंचे पेड़ों और दुर्गम इलाकों में मौजूद टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तैनात किया गया है। राजस्थान में एक बेल हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया है जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर अनुसूचित मरूस्थल क्षेत्र में किया जाएगा। भारतीय वायु सेना ने भी एमआई-17 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हुए टिड्डियों के खिलाफ अभियान चलाया।

गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और हरियाणा में फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, राजस्थान के कुछ जिलों में फसलों को मामूली नुकसान हुआ है।

राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, झुंझुनू, श्रीगंगानगर, अलवार तथा चूरू जिलों, हरियाणा के भिवानी तथा महेंद्रगढ़ जिलों और उत्तर प्रदेश के सीतापुर तथा गोंडा जिलों में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों और वयस्क पीले टिड्डियों के झुंड सक्रिय थे।