मेरान्यूज नेटवर्क.राजकोट: पाटीदार नेता हार्दिक पटेलने लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। और आनेवाली 12 मार्च को विधिवत कोंग्रेस में शामिल होने की घोषणा भी कर दी गई है। हार्दिक के जामनगर सीट से चुनाव लड़े जाने की संभावना भी जताई जा रही है। लेकिन कानूनी जानकारों के मुताबिक हार्दिक का चुनाव लड़ पाना मुश्किल लग रहा है।

जुलाई २०१८ में हार्दिक को मेहसाणा जिले के विसनगर विधायक के कार्यालय में तोडफ़ोड़ व आगजनी के मामले में दो वर्ष की सजा सुनाई जा चुकी है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा ८ (३) के तहत कोई व्यक्ति किसी भी अपराध के लिए दो वर्ष की सजा सुनाए जाने पर चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य हो जाता है। संबंधित व्यक्ति 6 साल के बाद ही चुनाव लड़ सकता है।

हालांकि हार्दिक पटेल ने सत्र अदालत के इस फैसले को गुजरात के उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। और उच्च न्यायालय ने उसकी सजा पर रोक भी लगाई है। लेकिन कोर्टने हार्दिक को दोषी ठहराए जाने पर रोक नहीं लगाई है। जिसके चलते कानूनी जानकारों द्वारा हार्दिक पटेल के चुनाव लड़ने पर ग्रहण लगने की संभावना जताई जा रही है।