मेरान्यूज नेटवर्क.सूरत :  शहर के सरकारी अस्पताल के कोरोना वोर्ड में बेड पर खड़े होकर सिगारेट पीते हुए मोबाईल में गेम खेल रहे आरोपियों का वीडियो सामने आया। वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने पर अस्पताल कर्मियों समेत पुलिस पर भी कई सवाल उठने लगे है। और सिगरेट व मोबाईल आरोपियों तक कैसे पहुंचे ? यह सवाल भी लोग उठाने लगे है। 

वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि, कुछ आरोपी कोरोना वोर्ड में सिगारेट फूंक रहे है। तो कुछ मोबाईल में गेम खेल रहे है। बाकी कुछ तो बेड पर खड़े रहकर सिगारेट का दम लगा रहे है। इतना ही नहीं एक आरोपी के हाथों में हथकड़ी भी दिखाई दे रही है।हालांकि आरोपी कौन से थाने के है, इसको लेकर अब जांच की जा रही है। 

संवाददाता ने बताया कि, पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी आरोपी का कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है। इस दौरान जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, उसे कोरोना वोर्ड उपचार के लिए रखना पड़ता है। नए सिविल अस्पताल में ऐसे आरोपियों के लिए खास वोर्ड बनाया गया है। इसी वोर्ड में रखे गए आरोपियों का वीडियो वायरल हुआ है। 

इस संबंध में अस्पताल के इन्चार्ज आरएमओ ने कहा कि, यह बात मेरे ध्यान में आते ही सुपरिटेंडेंट को भी सूचित कर दिया गया है। हालांकि मामले की जांच का आखिरी निर्णय सुपरिटेंडेंट द्वारा लिया जाएगा। वहां से ऑर्डर मिलने के बाद मामले की जांच होगी। और अगर अस्पताल के किसी भी कर्मचारी की गलती साबित हुई तो उसके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

बतादे कि, पहले भी ऐसे कई किस्से सामने आ चुके है। जिसमें 500-1000 रुपये देकर आरोपी जेल में  भी मोबाइल समेत की सुविधाओं का आनंद ले चुके है। और ऐसे मामलों में कई कर्मचारी सस्पेंड भी किए गए है। लेकिन पुलिस थाना, जेल व हेड क्वार्टर में भी ऐसी सुविधाए आरोपियों को मिल ही जाती है। ऐसेमें पुलिस प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी अब जरूरी बन चुकी है।