मेरा न्यूज नेटवर्क, (गांधीनगर): गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया है, जिसे प्राकृतिक कृषि द्वारा ही साकार किया जा सकता है। राज्य के तमाम शिक्षक संघ के प्रमुखों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और किसानों को यह भगीरथी कार्य मिलकर करने का उन्होंने आह्वान किया। 

उल्लेखनीय है कि राज्य में प्राकृतिक कृषि द्वारा जहरमुक्त खाद्यान्न का उत्पादन हो और प्रत्येक किसान देशी गाय आधारित खेती करने लगे, इस उद्देश्य को लेकर पिछले एक वर्ष से राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा कृषि विभाग और 'आत्मा' योजना के तत्वावधान में सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि अभियान चलाया जा रहा है।

आज राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित वेबिनार में कृषि- किसान कल्याण और सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पूनमचन्द परमार, आत्मा के निदेशक केडी. पंचाल, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि, प्राकृतिक कृषि के नोडल ऑफिसर्स, शिक्षा विभाग के कई अधिकारी शामिल थे। इसका लाभ राज्य के अन्य शिक्षकों और किसानों ने भी लिया।

प्रारम्भ में पूनमचन्द परमार ने राज्य में जारी प्राकृतिक कृषि अभियान की जानकारी दी और राज्य के शिक्षकों से भी रासायनिक कृषि छोड़कर सुभाष पालेकर कृषि अपनाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश- दुनिया में कोरोना महामारी का प्रकोप चल रहा है। हम जानते हैं कि कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना जरूरी है और इसके लिए हमारा खाद्यान्न जहरमुक्त और रसायनमुक्त होना जरूरी है। इसका सबसे बेहतर विकल्प सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि है।  गुजरात में अब तक 21,861 मास्टर ट्रेनर तैयार हुए हैं जो आज अन्य किसानों को इस प्राकृतिक कृषि का प्रशिक्षण देकर अन्य नये किसानों को तैयार कर रहे हैं।

वेबिनार में राज्यपाल ने प्राकृतिक कृषि पर मार्गदर्शन दिया। उनसे वार्तालाप करने वालों में आणंद के भरतभाई पटेल, सुनीलभाई जोशी, साबरकांठा के हसमुखभाई पटेल, पंचमहाल के अरविन्दभाई दर्जी, जामनगर के दिग्विजयसिंह जाड़ेजा, अरवल्ली के सतीषभाई पटेल आदि शामिल थे।