मेरान्यूज नेटवर्क.गांधीनगरः मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सफल शासन के पांचवें वर्ष में प्रवेश के दिन दिवंगत कोरोना वॉरियर्स के प्रति अनूठी संवेदना दर्शाते हुए 35 दिवंगत कोरोना वॉरियर्स के परिजनों के साथ ‘मोकळा मने संवाद’ (खुले मन से बातचीत) कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री आवास से बातचीत की। 

मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के कार्य में शामिल और राज्य सरकार के विभिन्न संवर्ग के कर्मयोगी जिन्होंने इस कर्तव्य पालन के दौरान कोरोना संक्रमण से जान गंवाई, उनके परिवारजनों को सांत्वना देने के साथ राज्य सरकार की ओर से कई और सहायताओं की अहम घोषणा भी की। 

25 लाख रुपए की सहायता
रूपाणी ने कहा कि कोरोना की इस विश्वव्यापी महामारी ने हमारी समूची जीवन व्यवस्था को बदलकर रख दिया है और इस दुनिया के ज्यादातर देश इस महामारी का शिकार बने हैं। 
गुजरात में भी कोरोना संक्रमण फैला और उसके नियंत्रण और संक्रमितों के उपचार की ड्यूटी में तैनात कोरोना वॉरियर्स सरकारी कर्मियों में से कई संक्रमित हुए और अपनी जान गंवाई। ऐसे मृतक कर्मयोगियों के प्रति उन्होंने श्रद्धांजलि व्यक्त की। 

उन्होंने ऐसे दिवंगत सरकारी कर्मयोगियों को राज्य सरकार की ओर से 25 लाख रुपए की सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाने का भी उल्लेख किया। 
रूपाणी ने निष्ठापूर्वक कर्तव्य पालन के दौरान अपनी जान की भी परवाह नहीं करने वाले ऐसे दिवंगत कर्मयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। 
इस अवसर पर उन्होंने राज्य सेवा के ऐसे दिवंगत कोरोना वॉरियर्स के परिवारों के लिए और अधिक सहायता की घोषणा की। 
मुख्यमंत्री ने इन सहायता की घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना के तहत मेडिकल और इंजीनियरिंग संकाय में सरकारी कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिलने पर सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट में प्रवेश प्राप्त करने वाले युवाओं को वर्तमान में पर्सेन्टाइल और वार्षिक आय को ध्यान में रखते हुए सहायता दी जाती है। 
परन्तु ऐसे दिवंगत कोरोना वॉरियर्स की संतानों को पर्सेन्टाइल या आय सीमा को ध्यान में लिए बगैर राज्य सरकार सहायता देगी। 
रूपाणी ने यह भी घोषणा की कि जिन दिवंगत कोरोना वॉरियर्स कर्मयोगियों का खुद का आवास नहीं होगा, उनके परिवार को राज्य सरकार की विभिन्न आवास योजनाओं में आवास आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी यानी कि उन्हें बिना ड्रॉ में शामिल हुए मकान आवंटित किए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि मा योजना (मुख्यमंत्री अमृतम) और मा वात्सल्य योजना के अंतर्गत 3 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य सेवा खर्च का लाभ कोरोना संक्रमण के नियंत्रण कार्य में ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर जान गंवाने वाले सरकारी कर्मयोगियों के सीधे वारिसों-परिवारजनों को दिया जाएगा। 
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि स्वजन की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन आपदा की ऐसी घड़ी में राज्य सरकार संवेदना से दायित्व निभाकर ऐसे परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। 
विजय रूपाणी ने राज्य सरकार की सेवा के दिवंगत कोरोना वॉरियर्स के परिवारजनों को दिवंगत के सम्मान में प्रशस्ति पत्र, शॉल और स्मृति चिन्ह की भेंट से सम्मानित भी किया। 
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ‘मोकळा मने संवाद’ कार्यक्रम आज संवेदनशील पारिवारिक कार्यक्रम में बदल गया था।