1मेरान्यूज नेटवर्क.गांधीनगरः मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के उद्यमियों को उद्योग स्थापना के लिए सरलता से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की पहल साकार हुई है।  

मुख्यमंत्री की प्रेरक उपस्थिति में मंगलवार को गांधीनगर में राज्य सरकार के उद्योग विभाग और राष्ट्रीयकृत बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच इस संबंध में महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। अब गुजरात में एमएसएमई इकाइयों की स्थापना करने को इच्छुक नए उद्यमियों को समयसीमा में कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) और प्रोजेक्ट लागत के लिए वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

इस एमओयू पर गुजरात सरकार की ओर से उद्योग विभाग सह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  एम.के. दास और एसबीआई की ओर से बैंक के अहमदाबाद सर्किल के महाप्रबंधक रमेश कुमार अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के अंतर्गत एमएसएमई उद्यमियों के नवीन प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराने को सिर्फ १५ दिनों में सैद्धांतिक मंजूरी दी जाएगी।

बैंक को एमएसएमई पोर्टल से या जिला व राज्य स्तर की नोडल एजेंसी की ओर से नए एमएसएमई का आवेदन मिलने पर बैंक १५ दिनों में वित्तीय सहायता की सैद्धांतिक अनुमति दे देगा। एसबीआई ने इसके लिए ५४ विशेष (स्पेशलाइज्ड) एमएसएमई शाखा के जरिए स्टार्टअप प्रोजेक्ट को फंडिंग देने की सहमति इस एमओयू में दर्शायी है।

गुजरात में लगातार बढ़ते औद्योगिक सहित सर्वग्राही विकास तथा पूरे देश में सर्वाधिक ऋण वसूली दर (रिकवरी रेट) से प्रभावित होकर एसबीआई ने एमएसएमई क्षेत्र में अधिक ऋण मुहैया कराने के लिए यह एमओयू किया है। एसबीआई के अधिकारियों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को बताया कि गुजरात में गत वर्ष की तुलना में एमएसएमई इकाईयों को अपेक्षाकृत अधिक ऋण सहायता मुहैया कराने के लिए बैंक से मांग की है। यही नहीं, राज्य में ऐसे ऋण की वसूली का बैंक का अब तक का अनुभव भी बहुत अनुकूल रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विजय रूपाणी ने राज्य के औद्योगिक विकास की रीढ़ समान एमएसएमई इकाईयों की स्थापना के लिए विभिन्न आवश्यक मंजूरियों से तीन वर्ष तक मुक्ति देने का क्रांतिकारी दृष्टिकोण अपनाया है। इसके अलावा, राज्य के ३५ लाख से अधिक एमएसएमई उद्योगों को सौर ऊर्जा के उत्पादन के लिए भी विशेष सुविधाएं प्रदान करने वाली प्रोत्साहक नीति घोषित की है। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से राज्य में एमएसएमई सेक्टर के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से सहायता उपलब्ध कराने को राज्य के उद्योग विभाग ने सर्वसमावेशी कार्ययोजना बनाई है।

इसके अनुसार, ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट्स, स्टार्टअप तथा महिला उद्यमियों और राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में स्थापित होने वाली एमएसएमई इकाईयों को ऐसी ऋण सहायता के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऐसे उद्योगों की स्थापना के लिए सरलता से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को राष्ट्रीयकृत बैंक के साथ एमओयू कर राज्य की एमएसएमई इकाइयों के लिए ३६० डिग्री सरलता के साथ उद्योग स्थापना के लिए नया प्रेरणा बल राज्य सरकार ने प्रदान किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, उद्योग आयुक्त राहुल गुप्ता, एमएसएमई आयुक्त रजिंथ कुमार, औद्योगिक विस्तार ब्यूरो (इंडेक्स्ट-बी) की प्रबंध निदेशक नीलम रानी तथा भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दुखबंधु रथ, महाप्रबंधक पुरुषोत्तम बेडेकर, अरविंद कुमार तथा कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।