मेरान्यूज नेटवर्क.अहमदाबाद : मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शनिवार को अहमदाबाद में २० नए धन्वंतरि आरोग्य रथ को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि सरकार का इरादा राज्य में धन्वंतरि आरोग्य रथ के जरिए कोरोना के मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उचित उपचार मुहैया कराकर राज्य में मृत्यु दर में कमी लाना है। 

उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों का संक्रमण लगते ही उपचार किया जा सके उसके लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों में से आज प्रस्थान कराए गए धन्वंतरि आरोग्य रथ राज्य के विभिन्न जिलों में घूमकर मरीजों के स्वास्थ्य कल्याण में वृद्धि करेंगे। 

उल्लेखनीय है कि एक धन्वंतरि रथ पांच स्वास्थ्य कर्मियों, जीपीएस सिस्टम, लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्टिविटी से लैस होता है, जिसके चलते यह आरोग्य रथ राज्य के स्वास्थ्य विभाग को केंद्रीकृत डाटा उपलब्ध कराता है। 

आरोग्य रथ को रवाना करने के बाद मीडिया के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात सहित देशभर में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे वक्त में राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने और सुदृढ़ करने को कटिबद्ध है। जिसके अंतर्गत सरकार ने पिछले आठ दिनों में राज्य में १५,००० सामान्य बिस्तर, ३१०० इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) और ६७०० ऑक्सीजन वाले बिस्तरों के अलावा ९६५ वेंटिलेटर की अतिरिक्त सुविधा मुहैया कराई है। 

रूपाणी ने कहा कि चार महानगरों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में यह जरूरी है कि लोग अनावश्यक वजहों से घर से बाहर न निकलें और नियमों का पालन करें। सरकार ने मास्क पहनने संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। 


 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों की तुलना में रेमडेसिविर इंजेक्शन की पर्याप्त खेप उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना काल में कोविड मरीजों और इस बीमारी से होने वाली मृत्यु के आंकड़ों को कभी भी छिपाया नहीं है। सरकार यथास्थिति आंकड़ों को सार्वजनिक रूप से सामने रखने में भरोसा करती है। 

कोरोना वायरस के कारण होने वाली मौत की गणना में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कोमोरबिड मरीजों की मौत का प्राथमिक और द्वितीयक कारण ध्यान में लेते हुए दिशा-निर्देशों के अनुसार मौत की मुख्य वजह निर्धारित की जाती है। सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण का जो ब्यौरा दर्ज किया जाता है, वही ब्यौरा जनता और मीडिया के सामने रखा जाता है। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जोर देकर यह बात दोहराई कि राज्य सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है और हम लॉकडाउन की दिशा में जा भी नहीं रहे हैं। राज्य के कुछ गांवों और नगरों में नागरिक और व्यापारी संगठन स्थानीय परिस्थिति के आधार पर स्वस्फूर्त बंद रख रहे हैं यह स्वागत योग्य है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति दस लाख की आबादी पर टीकाकरण के मामले में गुजरात देश में पहले स्थान पर है। हाल ही में गुजरात को और १५ लाख टीके की खुराक मिली है और आगामी देशव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम के तहत और खुराक भी मिलेगी। 


 

 

 

 

 

आज रवाना हुए २० नए धन्वंतरि आरोग्य रथ अहमदाबाद के बोपल, बावळा, चांदखेड़ा, गांधीनगर शहर, सूरत के कड़ोदरा और किम, वडोदरा के फतेगंज और शहर, गोंडल, राजकोट, दाहोद, पोरबंदर, अमरेली, छोटाउदेपुर, महिसागर, अरवल्ली, देवभूमि द्वारका, बोटाद, सुरेन्द्रनगर और वलसाड़ जिले में सेवाएं देंगे। 

उल्लेखनीय है कि राज्य में ३४ धन्वंतरि आरोग्य रथ के माध्यम से कोरोना काल में २,९४,५२५ लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ है। इस बेड़े में नए २० आरोग्य रथ के शामिल होने से राज्य में आरोग्य की रथ की संख्या अब ५४ हो गई है। 

इस अवसर पर अहमदाबाद के महापौर किरीट परमार, विधायक जगदीश पंचाल, प्रदीप परमार, श्रम एवं रोजगार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विपुल मित्रा सहित कई अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद थे।