मेरा न्यूज नेटवर्क, (गांधीनगर): मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य के प्राथमिक शिक्षक संघ और गुजरात शैक्षिक महासंघ की उच्च वेतनमान से संबद्ध मांगों पर अनुकूल और संवेदनशील प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार के २५ जून, २०१९ के पत्र का अमल स्थगित रखने का निर्णय किया है। इस निर्णय का फायदा राज्य के लगभग ६५ हजार से अधिक शिक्षकों को मिलेगा।  

शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ासमा ने इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि इस पत्र को लेकर शिक्षक संघों और शिक्षक जगत में जो असंतोष व्याप्त था, वह अब मुख्यमंत्री के इस निर्णय से पूर्णतः दूर हो गया है।

शिक्षा राज्य मंत्री विभावरीबेन दवे की उपस्थिति में गुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ और शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों के साथ सफल बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के इस पत्र के संदर्भ में शिक्षक संघों की ओर से उठाई गई मांगों के मामले में गत १५ दिनों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षा मंत्री के स्तर पर तथा अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के स्तर पर परामर्श किया गया था।

तदनुसार मुख्यमंत्री ने शिक्षक समुदाय के व्यापक हित में निर्णय लेकर २५ जून, २०१९ के शिक्षा विभाग के इस पत्र का अमल स्थगित करने का विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में किसी भी समस्या या मुद्दे के निवारण के लिए वाद-विवाद नहीं बल्कि संवाद का मार्ग अपनाती आई है। इस मसले को लेकर भी शिक्षक संघों के साथ अनुकूल वातावरण में लंबी चर्चा और विचार के बाद यह अंतिम निर्णय लिया गया है।

शिक्षक संगठनों ने इस सुखद निर्णय के लिए मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात कर उनका आभार जताया है।

चूड़ासमा ने कहा कि अतीत की बात हो या भविष्य की, भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसी भी वर्ग, संवर्ग या शिक्षकों की भावनाओं और मांगों को ध्यान में रखकर उनके हित में ही निर्णय करती आई है और हमेशा ही इस बात का ध्यान रखेगी कि किसी का भी अहित न हो।
उन्होंने राज्य के शिक्षक समुदाय को इस बात का भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को लेकर किसी भी व्यक्तिगत या सामूहिक तौर पर शिक्षक को किसी संवर्ग में आर्थिक नुकसान न हो इसका ध्यान रखने को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सरकार संकल्पबद्ध है।

चूड़ासमा ने इस पूरे मामले को लेकर शिक्षक संघों और संगठनों को गुमराह कर मामले को राजनीतिक रंग देने के विपक्ष के प्रयासों की आलोचना भी की।

उन्होंने राज्य सरकार पर भरोसे के साथ धैर्य रखने वाले शिक्षक संगठनों और शिक्षक जगत का आभार व्यक्त किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस परिपत्र के अमल संबंधी छोटी-बड़ी सभी बाधाओं को दूर कर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के विशाल हित में आज यह निर्णय किया है।