मेरान्यूज नेटवर्क.गांधीनगरः मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की साबरमती आश्रम से नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट तक आयोजित साइकिल रैली को रवाना करते हुए देश में आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाले सीआरपीएफ के जवानों को समाज की शांति, सलामती और सुरक्षा का प्रहरी करार दिया। उन्होंने कहा कि अब सीआरपीएफ के साइकिल वीर स्वच्छता, जल  संचय और सामाजिक सद्भावना के प्रतीक भी बने हैं।

मुख्यमंत्री ने सीआरपीएफ के ८१वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित साइकिल रैली को सोमवार को गांधीनगर से रवाना किया।

सीआरपीएफ की ५ महिला कर्मियों सहित २० साइकिल वीर साबरमती आश्रम से इंडिया गेट, नई दिल्ली तक ९८२ किलोमीटर का सफर पूरा कर आगामी २७ जुलाई को सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर नई दिल्ली पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री रूपाणी ने महात्मा गांधी की कर्मभूमि साबरमती आश्रम से देश की राजधानी नई दिल्ली के इंडिया गेट तक जाने वाली इस साइकिल रैली को गांधी जी के १५०वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उपयुक्त करार देते हुए साइकिल वीरों को सफलता की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने गुजरात सहित पूरे देश में प्राकृतिक आपदा एवं संकटकाल में सलामती और शांति को बरकरार रखने में सीआरपीएफ की अहम भूमिका की सराहना की।

द्रुत कार्य बल (रैपिड एक्शन फोर्स-आरएएफ) के महानिरीक्षक अरूण कुमार ने स्वागत भाषण में इस रैली के उद्देश्य और सीआरपीएफ-आरएएफ की विभिन्न सेवा गतिविधियों पर प्रकाश डाला। २७ जुलाई, १९३९ को स्थापित सीआरपीएफ आज ३ लाख से अधिक कर्मियों का परिवार बन गया है।

इस अवसर पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार, दक्षिण पश्चिम वायु कमान (स्वैक) के प्रमुख एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) संजय श्रीवास्तव, सीआरपीएफ गांधीनगर के उप महानिरीक्षक के.एम. यादव तथा तटरक्षक बल, नौसेना और बीएसएफ सहित केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अफसर और उनके परिजन उपस्थित थे।