मेरान्यूज नेटवर्क, गांधीनगर (गुजरात) : कोरोना महामारी से जूझ रहे कोरोना वोरियर्स डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों सहित कर्मचारी भी कोरोना के संक्रमण से आपनी जान गवा रहे हैं। ऐसे कोरोना योद्धाओं के आश्रितों को राज्य सरकारों द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। डॉ. जोगिंदर चौधरी, जो हाल ही में दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए तैनात थे, कोरोना संक्रमण से बच नहीं सके और उनकी मृत्यु हो गई। पिछले सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डॉ. जोगिंदर चौधरी के परिवार से मुलाकात की और उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपये की सहाय का भुगतान किया। उन्होंने भविष्य में परिवार को आवश्यक मदद का आश्वासन भी दिया। यहाँ उल्लेखनीय है की दिल्ली की केजरीवाल सरकार कोरोना वोरियर्स का कोरोना की रोकथाम के ड्युटी के दौरान कोरोना संक्रमण से निधन हो तो एक करोड रुपये की सहायता प्रदान करती है।

गुजरात में भी, कोरोना के खिलाफ युद्ध में 35 कोरोना वोरियोर्स ने अपनी जान गंवाई है। गुजरात सरकार ने ऐसे कोरोना वारियर्स के प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये प्रदान किए हैं।  इसके अलावा, मुख्यमंत्री रुपाणी ने शुक्रवार को दिवंगत कोरोना वारियर्स के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और घोषणाएं करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना के तहत मेडिकल और इंजीनियरिंग संकाय में सरकारी कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिलने पर सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट में प्रवेश प्राप्त करने वाले युवाओं को वर्तमान में पर्सेन्टाइल और वार्षिक आय को ध्यान में रखते हुए सहायता दी जाती है। परन्तु ऐसे दिवंगत कोरोना वॉरियर्स की संतानों को पर्सेन्टाइल या आय सीमा को ध्यान में लिए बगैर राज्य सरकार सहायता देगी।

रूपाणी ने यह भी घोषणा की कि जिन दिवंगत कोरोना वॉरियर्स कर्मयोगियों का खुद का आवास नहीं होगा, उनके परिवार को राज्य सरकार की विभिन्न आवास योजनाओं में आवास आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी यानी कि उन्हें बिना ड्रॉ में शामिल हुए मकान आवंटित किए जाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि मा योजना (मुख्यमंत्री अमृतम) और मा वात्सल्य योजना के अंतर्गत 3 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य सेवा खर्च का लाभ कोरोना संक्रमण के नियंत्रण कार्य में ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर जान गंवाने वाले सरकारी कर्मयोगियों के सीधे वारिसों-परिवारजनों को दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि स्वजन की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन आपदा की ऐसी घड़ी में राज्य सरकार संवेदना से दायित्व निभाकर ऐसे परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।विजय रूपाणी ने राज्य सरकार की सेवा के दिवंगत कोरोना वॉरियर्स के परिवारजनों को दिवंगत के सम्मान में प्रशस्ति पत्र, शॉल और स्मृति चिन्ह की भेंट से सम्मानित भी किया।