नई दिल्ली: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल), कोच्चि ने एएसकेओमैरीटाइम एएस, नॉर्वे के लिए दो जहाजों के निर्माण और आपूर्ति के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इसमें दो अन्य इलेक्ट्रिक जहाज़ों (फेरी)के निर्माण का भी विकल्प है।

केंद्रीय पोत परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  मनसुख मंडाविया ने एएसकेओमैरीटाइम, नॉर्वे के लिए दुनिया के पहले पूर्ण स्वचालित इलेक्ट्रिक जहाज के निर्माण का अनुबंध प्राप्त करने और जहाज निर्माण उद्योग में इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सीएसएलकी प्रशंसा की।  मंडाविया ने कहा कि सीएसएल ने विभिन्न वैश्विक शिपयार्ड कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करके अपनी विश्वसनीयता और इतिहास के आधार पर अनुबंध प्राप्त किया।

सीएसएलभारत का सबसे बड़ा व्यावसायिक जहाज़ निर्माता है। कंपनी ने यह प्रतिष्ठित निर्यात ऑर्डर, नॉरगेसग्रूपेन एएसए के सहायक समूह एएसकेओ मैरीटाइम एएस से प्राप्त कियाहै।नॉरगेसग्रूपेन नॉर्वे के खुदरा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है।

यह विद्युत पोत परियोजना नॉर्वे की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे आंशिक रूप से नार्वे सरकार द्वारा वित्त पोषित किया गयाहै। इसका उद्देश्य ओस्लो में माल ढुलाई के लिए उत्सर्जन-मुक्त परिवहन की व्यवस्था करना है। तकनीकी प्रबंधन और जहाजों का संचालन मैसर्स मैसस्टरली एएस, द्वारा किया जायेगा जो मैसर्सकोंग्सबर्ग और मैसर्स विल्हेल्मसेन का संयुक्त उद्यम है। मैसर्सकोंग्सबर्गस्वायत्त प्रौद्योगिकी में दुनिया की अग्रणी कंपनी है  और मैसर्स विल्हेल्मसेनविश्व की सबसे बड़ी समुद्री नौवहन कंपनियों में से एक है। एक बार संचालन में आने के बाद, यह पोत शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथदुनिया केव्यावसायिक शिपिंग के क्षेत्र मेंएक नया मानदंड (बेंचमार्क) स्थापित करेगा।

67मीटरलंबे जहाजों की शुरू में एक पूर्ण-इलेक्ट्रिक परिवहन नौका के रूप में आपूर्ति की जायेगी, जो 1846केडबल्यूएचक्षमता की बैटरी से संचालित होगी। नॉर्वे में उपकरण और फील्ड ट्रायल के बाद, यह एएसकेओ के पूर्ण स्वायत्त नौका के रूप में काम करेगा जो पूर्ण रूप से लोड किए गए 16ट्रेलरों को एक ही बार में ले जाने में सक्षम है। वेसल का डिजाईन नावल डायनामिक्स नॉर्वे द्वारा कोंग्सबर्ग मैरीटाइम सिस्टम का उपयोग करके तैयार किया गया है, जिसमें सीएसएल द्वारा विस्तृत इंजीनियरिंग की गई है। येडीएनवी जीएल वर्गीकरण के तहत बनाए जाएंगे और इन्हें नॉर्वे में परिचालित किया जायेगा।

सीएसएलने विभिन्न वैश्विक शिपयार्डों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद और कंपनी को दिए गए मूल्य प्रस्ताव के आधार पर यह निर्यात आदेश प्राप्त किया। पश्चिमी यूरोप में प्रतिष्ठित कंपनियों को विश्व स्तरीय जहाजों की आपूर्ति भी सीएसएल के पक्ष में गयी। महामारी द्वारा उत्पन्न वर्तमान बाधाओं के बावजूदसीएसएल को यह अनुबंध मिलना महत्वपूर्ण है। सीएसएल पहले से ही कोच्चि वाटर मेट्रो के लिए 23 हाईब्रिड इलेक्ट्रिक नौकाओं का निर्माण कर रहा है।

इस परियोजना से सीएसएल को पूरी दुनिया में एक प्रीमियर शिपबिल्डिंग यार्ड के रूप में जाना जायेगा जिसके पास उच्च तकनीक वाले पोत निर्माण की क्षमता है।