मेरान्यूज नेटवर्क.गांधीनगर: मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने साफ कहा है कि गुजरात की माता-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के द्वारा उन्हें भी विकास में जोड़कर प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाकर गुजरात को देश में महिला सशक्तिकरण का रोल मॉडल बनाने में मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना और बल प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने को महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है।

इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाओं में अंतर्निहित क्षमता और कौशल के साथ उनकी क्षमता के बल पर परिवार का आर्थिक सहारा बनने की तत्परता के लिए 10 लाख महिलाओं को शून्य फीसदी ब्याज दर पर ऋण देने की गुजरात की यह पहल देशभर में महिला उत्कर्ष की नई दिशा दिखाएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 70वें जन्मदिन के अवसर पर गुजरात में पंचामृत विकास कार्यों और योजनाओं के अंतर्गत राज्य की नारी शक्ति को ई-लॉन्चिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना की भेंट दी। राज्यभर में आयोजित किये गये इस लॉन्चिंग समारोह में उपमुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य और पदाधिकारी संबंधित स्थानों से जुड़े थे।

रूपाणी ने पूरे राज्य में 70 विभिन्न स्थानों पर वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए जुड़ी ग्रामीण एवं शहरी महिला शक्ति से मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना से जुड़ने का आह्वान करते हुए आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर गुजरात के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में 1 लाख सखी मंडलों के जरिए 10 लाख बहनों को जोड़कर उनके परिवारों के लगभग 50 लाख लोगों को आर्थिक आधार देने की मंशा है।

उन्होंने कहा कि महिला को शक्तिस्वरूपा कहकर हमारी संस्कृति में उसे जो गौरवपूर्ण स्थान दिया गया है, उसे वर्तमान दौर में पुरुष के समकक्ष महिला शक्ति बनाकर उसके सर्वांगीण विकास का ध्येय हम साकार करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की विशेष चिंता करते हुए जनधन योजना, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस के चूल्हों का वितरण, खुले में शौच से मुक्ति के लिए 100 प्रतिशत शौचालय जैसी सभी योजनाओं में महिला शक्ति को केन्द्र में रखकर उनकी मुश्किलों के निवारण के प्रयास
को प्राथमिकता दी है।

गुजरात में भी उन्हीं के कदमों पर चलते हुए राज्य सरकार ने पुलिस बल में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण, पंचायतों एवं स्थानीय निकाय की संस्थाओं के प्रतिनिधित्व में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण, उद्योगों में भी महिलाओं के लिए विशेष जीआईडीसी की नवीन पहल के द्वारा माता-बहनों को सत्ता में स्थान और
समाज व्यवस्था में सम्मान दिया है।

उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं के लिए बैंक में अकाउन्ट खुलवाना भी काफी मुश्किल था। अब हमने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि शून्य बैलेन्स के साथ अकाउन्ट खुल जाता है और मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना में तो शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन भी मिलने वाला है।

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि यह पूरी योजना रोजाना ब्याज पर पैसा लाकर सड़कों पर सब्जी बेचने या छोटा-मोटा व्यवसाय करने वाली गरीब बहनों को उस मानसिक यातना से बहार लाकर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की संवेदना से निकली है।

विजय रूपाणी ने कहा कि पहले महिलाओं के सखी मंडलों को रजिस्ट्रेशन के बाद प्रोजेक्ट बनाना पडता था। बैंक में ऋण की मंजूरी के लिए उस प्रोजेक्ट को देना पडता था और उसके बाद बहुत मुश्किलों से ऋण मिलता था। अब इस सरकार ने बैंकों के साथ ऐसी व्यवस्था की है कि मंडल का रजिस्ट्रेशन होते ही बैंक उन्हें लोन देता है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य की गरीब, श्रमजीवी और सामान्य वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने में मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना बहुत ही उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना के लिए जो पहल की है उसमें सरकारी, सहकारी और निजी बैंकों के साथ ऋण देने वाली संस्थाओं का साथ भी मिला है।

राज्य स्तर पर पांच बैंक गुजरात स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक, बरोड़ा गुजरात ग्रामीण बैंक, आई.सी.आई.सी.आई. बैंक, एच.डी.एफ.सी. बैंक और एक्सिस बैंक द्वारा इस योजना में जुड़ने के लिए मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये।

राज्य में 70 स्थानों पर आयोजित किये गये मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना की ई-लॉन्चिंग में 11 जिला सहकारी बैंक, 65 अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, 43 क्रेडिट सोसायटी सहित कुल 119 वित्तीय संस्थाओं द्वारा लॉन्चिंग के दिन ही नए 337 महिला समूहों को ऋण मंजूरी पत्र दिए गए।

मुख्यमंत्री ने बैंको की इस सक्रियता पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माता-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में यह योजना निश्चित ही एक सफल कदम बनेगी।

महिला और बाल कल्याण राज्य मंत्री विभावरीबेन दवे ने इस योजना को मुख्यमंत्री की महिलाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशीलता की परिचायक करार दिया।

उन्होंने गुजरात की समग्र महिला शक्ति की ओर से इस योजना को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश पुरी, ग्राम विकास सचिव विजय नेहरा, शहरी विकास सचिव लोचन शहेरा, लाईवलीहूड प्रमोशन कंपनी के एम.डी. कापडिया एवं अर्बन लाईवलीहूड मिशन के हर्षवर्धन मोदी सहित बैंक के वरिष्ठ अधिकारी जुड़े थे।