मेरान्यूज नेटवर्क.गांधीनगर: मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य में मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, देरासर, गुरुद्वारा और उपाश्रय सहित धार्मिक स्थलों को भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार तथा कई नियमों के अधीन दर्शनार्थियों के लिए फिर से खोलने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए एक अहम वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक शनिवार को आयोजित की।

उन्होंने राज्य के जिला मुख्यालों पर उपस्थित विभिन्न धर्म, संप्रदायों के संत, महंत, मौलवी और पादरियों सहित धार्मिक नेताओं के मंतव्य और सुझाव भी प्राप्त किए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य के धार्मिक स्थल, मंदिर-मस्जिद आदि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाने वाले स्थान न बने  इस बात की सतर्कता सभी को रखनी होगी।
 
इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन तथा राज्य सरकार की कई व्यवस्थाओं के अधीन रहकर कंटेनमेंट जोन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में स्थित देवस्थानों में सिर्फ दर्शन की छूट दी जा रही है, तब इसके परिणामस्वरूप दर्शनार्थियों की भीड़ से कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़े नहीं इस बात की सावधानी मंदिर-धर्म स्थलों के संचालकों, ट्रस्टों एवं भक्तों को रखनी जरूरी है।

रूपाणी ने कहा कि राज्य के बड़े तीर्थ स्थलों में रजिस्ट्रेशन काउंटर शुरू कर श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए निश्चित समय का टोकन देकर दिए गए समय के अनुसार ही दर्शन का लाभ देने की व्यवस्था की जाए तो भीड़ को रोका जा सकेगा और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन भी होगा। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं, संप्रदायों के मंदिर, देरासर और उपाश्रय राज्य में बड़ी संख्या में मौजूद हैं, वहां दर्शन आदि में एकसूत्रता बनी रहे तथा गाइडलाइन के नियमों की पालना भी होती रहे, उसके लिए ऐसी संस्थाएं स्वयं ही व्यवस्था बनाएं। इस संदर्भ में स्थानीय प्रशासनिक तंत्र के साथ समन्वय के लिए भी उन्होंने सुझाव दिया।

धार्मिक स्थलों से कोरोना का दायरा और न फैले उसकी सावधानी रखनी जरूरीः मुख्यमंत्री

•    दर्शनार्थियों के बीच ६ फुट का अंतर
•    प्रसाद वितरण, पवित्र जल का आचमन-छिड़काव न करें
•    दर्शनार्थियों के लिए सामाजिक दूरी का पालन आवश्यक, मास्क पहनना अनिवार्य  
•    बड़े धार्मिक स्थलों-तीर्थस्थानों में यात्रियों को दर्शन के निश्चित समय का टोकन देने की व्यवस्था करने का सीएम का सुझाव

 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के देव स्थान-श्रद्धा के केंद्रों को केवल दर्शन करने के उद्देश्य से पुनः खोला जा रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण के मौजूदा दौर में अगले एक-दो महीने तक किसी बड़े धार्मिक समारोह या उत्सव का आयोजन नहीं करने की उन्होंने अपील की। उन्होंने धार्मिक स्थलों में दर्शनार्थियों के बीच ६ फुट का अंतर रखने, प्रसाद या पवित्र जल का वितरण या छिड़काव नहीं करने, सामाजिक दूरी के नियमों की पालना करने तथा प्रत्येक दर्शनार्थी को अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करने और मंदिर में सेनेटाइज की व्यवस्था का पालन करने का अनुरोध किया।

उन्होंने विशेष रूप से वल्नरेबल समूह यानी कि ६५ वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और छोटे बच्चों को दर्शन के लिए नहीं ले जाने का भी सभी से अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ और संक्रमण के साथ पूरी सावधानी रखते हुए धार्मिक स्थलों को पुनः खोला जा रहा है। केवल दर्शन के लिए खोला जा रहा है उस बात को केंद्र में रखकर भारत और गुजरात सरकार की गाइडलाइन का पालन हो यह आवश्यक है।

मुख्यमंत्री के साथ इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में बोचासणवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था-अहमदाबाद के स्वामी ब्रह्मविहारी जी, अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर के ट्रस्टी महेन्द्रभाई झा, कालुपुर मंदिर के स्वामी स्वामी शास्त्री निरगुणदास जी, खेड़ा वड़ताल के स्वामी संत स्वामी, भावनगर पालीताणा के ट्रस्टी श्रीपालभाई, गांधीनगर के निकट स्थित महुड़ी मंदिर के ट्रस्टी राजेशभाई, गिर-सोमनाथ स्थित सोमनाथ मंदिर के ट्रस्टी चावड़ा, पंचमहाल के पावागढ़ मंदिर के ट्रस्टी सुरेन्द्र काका, खेड़ा के संतरामजी मंदिर के महाराज रामदास जी महाराज, डाकोर मंदिर के प्रबंधक अरविंदभाई मेहता, जूनागढ़ के जुना अखाड़ा के तनसुखगिरी बापू, राजकोट के वीरपुर मंदिर के रघुराम बापा, बनासकांठा के अंबाजी मंदिर और देवभूमि द्वारका के द्वारका मंदिर के ट्रस्टियों ने भी कई सुझाव दिए और केंद्र एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन के पालन का भरोसा दिलाया।

सूरत के रोमन कैथोलिक चर्च के ट्रस्टी श्रीमोन कोरी, राजकोट की ख्रिस्ती कॉलेज के निदेशक फादर बेनी जॉह्न, वडोदरा के कैथोलिक चर्च के फादर स्टेनिस्लस फर्नांडीज, नडीयाद के इलिम मेथोडिस्ट चर्च के इमैन्युअल कांत तथा अहमदाबाद के रोमन कैथोलिक चर्च के फादर रेथन स्वामी और अहमदाबाद के चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के फादर  सिलवांस क्रिश्चियन भी बैठक में उपस्थित थे।  

इसके अलावा, सूरत की ख्वाजा दाना दरगाह के श्री मुफ्ती केसर आलम, सूरत के दारुल उलूम के श्री  मुफ्ती अब्दुल कलीम साहेब, अहमदाबाद की जामा मस्जिद के इमाम शब्बीर मौलवी, वडोदरा की रफैशा दरगाहके कमालुद्दीन बावा और राजकोट की सदर जामा मस्जिद के आफिज अकरम बापू ने भी मुख्यमंत्री की इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में शिरकत की।

मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को राज्य में देवस्थानों, श्रद्धा केंद्रों, मंदिर, मस्जिद और चर्च आदि धार्मिक स्थलों को पुनः खोलने संबंधी विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल ने भी बैठक में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों तक के छोटे तीर्थस्थलों और मंदिरों के लिए भी समुचित व्यवस्था के इंतजाम की हिमायत की। बैठक में शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चुड़ास्मा, गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा, मुख्य सचिव अनिल मुकीम, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती संगीता सिंह, पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा सहित वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।