मेरान्यूज नेटवर्क.सुरेन्द्रनगर: मुख्यमंत्री  विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य के गरीब, वंचित, शोषित और बेघर लोगों को पक्का और सुविधायुक्त आवास मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पिछले तीन वर्ष में १० लाख आवासों का निर्माण किया है। वे सोमवार को गांधीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुरेन्द्रनगर की थानगढ़ नगरपालिका की ओर से १८.१७ करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ४१६ आवासों का ई-लोकार्पण करते हुए बोल रहे थे।

उन्होंने ९.९६ करोड़ रुपए के खर्च से बने पाटड़ी-दसाड़ा तहसील सेवा सदन के नवनिर्मित भवन का भी गांधीनगर से ई-लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास योजना के अंतर्गत केवल सिर पर छत मुहैया कराने की खानापूर्ति नहीं की, बल्कि बिजली, पानी, शौचालय और पक्की सड़क वाले सुविधायुक्त आवास इस सरकार ने उपलब्ध कराए हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए गरीब और अंत्योदय परिवारों को ऐसे आवास प्रदान कर उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने और उन्हें भी व्यवस्था का लाभ उपलब्ध कराने की पहल की है।  

 रूपाणी ने कहा कि हर व्यक्ति का यह सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो। गरीब और वंचित व्यक्ति के उस सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना वरदान साबित हुई है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस वैश्विक संकटकाल में भी राज्य की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने और संक्रमण की रोकथाम की सतर्कता के साथ प्रधानमंत्री के मंत्र ‘जान भी, जहान भी’ को चरितार्थ करने की दिशा में गुजरात आगे बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौर में भी जनहित के कार्यों को अनवरत जारी रखने का जिक्र करते हुए सभी नागरिकों से मास्क का उपयोग करने, सामाजिक दूरी के नियमों की पालना करने, लगातार हाथ धोने और भीड़भाड़ न करने जैसी अच्छी आदतों को अपनाकर कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में मदद की अपील की।

उन्होंने कहा कि गुजरात में कोरोना संक्रमितों का रिकवरी रेट ७२ फीसदी से अधिक है और मृत्यु दर भी कम है। स्वास्थ्य रक्षा के गहन उपायों और जन जागरूकता के कारण गुजरात इस दर को बरकरार रख पाया है।

मुख्यमंत्री ने सुरेन्द्रनगर जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की।  

पाटड़ी-दसाड़ा के ९.९६ करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित तालुका सेवा सदन भवन का लोकार्पण करते हुए  रूपाणी ने विश्वास जताया कि यह भवन गरीब और आम नागरिक की समस्याओं और मसलों के त्वरित निराकरण और भ्रष्टाचार रहित पारदर्शी शासन व्यवस्था की कार्य संस्कृति का केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं को ग्रामीण स्तर और कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक भलीभांति पहुंचाने के उद्देश्य से जिला, तहसील और ग्रामीण स्तर तक योजनाओं के क्रियान्वयन का विकेंद्रीकरण कर प्रधानमंत्री की नया भारत के निर्माण की संकल्पना को साकार कर रहे हैं।

उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में अपने मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान से अत्याधुनिक भवनों के निर्माण के जरिए लोगों के प्रति समर्पित और जनता के कार्य शीघ्रता से पूरे हों इस मंशा के साथ एक समूची कार्य संस्कृति स्थापित की है, जिसे हम और भी सुदृढ़ता से ऐसे अन्य भवनों के निर्माण के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं।

 रूपाणी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गरीब, पीड़ित, शोषित, वंचित, बेसहारा बुजुर्गों और दिव्यांगों सहित सभी के लिए कल्याण योजनाओं के जरिए सर्वांगीण जनहित के भाव के साथ कर्तव्यरत है।

उन्होंने कहा कि घर-घर शौचालय, जनधन योजना, गरीबों को आर्थिक सहायता, बेसहारा, विधवा और दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान भारत, मा-अमृतम, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और गरीब व जरूरतमंदों को रियायती दर पर अनाज जैसी योजनाओं के माध्यम से हमें अंत्योदय उत्थान और राम राज्य की परिकल्पना को साकार करना है।

मुख्यमंत्री ने आवास हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की और तालुका सेवासदन के नए भवन से जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने की शुभकामनाएं कर्मयोगियों को दी।

इस अवसर पर सुरेन्द्रनगर के सांसद डॉ. महेंद्र मूंजपरा, विधायक  धनजीभाई पटेल, थानगढ़ और पाटड़ी नगरपालिका के अध्यक्ष, जिला भाजपा अध्यक्ष  दिलीपभाई, कई अग्रणी, जिला विकास अधिकारी और लाभार्थी उपस्थित थे।