गांधीनगर (गुजरात): मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सामाजिक समरसता, अंत्योदय उत्थान और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए शिक्षा को पूर्व शर्त करार देते हुए वंचित, पीड़ित और शोषित समेत सभी बच्चों को शिक्षा का उचित अवसर मुहैया कराकर दुनिया की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार करने की मंशा जताई है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा राज्य के अनुसूचित और विकसति जाति के विद्यार्थियों के लिए 61.75 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित 3 आदर्श निवासी कन्या शाला और 5 डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर कुमार छात्रालय का ई-लोकार्पण करते हुए यह बात कही। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ईश्वरभाई परमार और राज्यमंत्री वासणभाई आहिर भी ई-लोकार्पण अवसर पर उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास की प्रतिबद्धता को ऊंच-नीच, लिंग-जाति और भाषा-प्रांत का भेद भुलाकर "सब समाज को लिए साथ में आगे है बढ़ते जाना" की भावना के साथ साकार कर रही है।  उन्होंने कहा कि गुजरात में सामाजिक समरसता के इस सद्भावपूर्ण वातावरण को पलीता लगाने और संतुलन को बिगाड़ने के गुजरात विरोधी तत्वों की साजिश को जनता ने नाकाम किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. बाबा साहब अंबेडकर के शिक्षित बनो-संगठित बनो के आह्वान को चरितार्थ करने और पिछड़े वर्गों को विकसितों की पंक्ति में लाने के लिए राज्य सरकार ने अद्यतन शैक्षणिक सुविधाएं, छात्रावास और समरस हॉस्टल शुरू किए हैं।  उन्होंने इन छात्रावासों, आदर्श निवासी शालाओं में स्वच्छता बनाए रखने, अच्छा पौष्टिक भोजन  उपलब्ध करवाने के साथ-साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर इन विद्यार्थियों को भी विश्व की चुनौतियों का सामना करने को सक्षम बनाने के आयामों का उल्लेख किया।  उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस संकट काल में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फूड बिल में अधिक सहायता और निःशुल्क आवास जैसे पैकेज प्रदान किए हैं। उन्होंने आदर्श निवासी कन्या शाला में अभ्यास करने वाली बालिकाओं को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। 

रूपाणी ने कोरोना के खिलाफ जंग को जनता के सहयोग से जीतने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार के गहन स्वास्थ्य परक कदमों से रिकवरी रेट 70 फीसदी तक पहुंच गया है और मृत्यु दर घटकर ४.७ फीसदी रह गई है, जिसे और नीचे ले जाना है। 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ईश्वरभाई परमार ने मुख्यमंत्री के संवेदनशील अभिगम से राज्य के पिछड़े वर्गों, विकसति जातियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के युवाओं, विद्यार्थियों, बालिकाओं को उच्च शिक्षा की सुविधा, विदेश अभ्यास सहायता और पायलट जैसे पेशे के लिए सहायता-प्रेरणा मिलने पर आभार व्यक्त किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वडोदरा जिले में, आणंद के बाकरोल में एवं नवसारी के जलालपोर में आदर्श निवासी कन्या शाला और गांधीनगर, बाकरोल एवं भावनगर के महुवा में डॉ. बाबासाहब अंबेडकर सरकारी कुमार छात्रावासों का लोकार्पण किया था।

२६.१७ करोड़ की लागत से निर्मित एक जिला व तीन तहसील पंचायत भवनों का  मुख्यमंत्री ने गांधीनगर से किया ई-लोकार्पण

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य सरकार ने अद्यतन सुविधा युक्त भवनों के निर्माण के जरिए ऐसा वातावरण स्थापित किया है जिसमें न केवल राज्य के ग्रामीण नागरिकों सहित आम लोगों की आशा-अपेक्षाएं पूरी हो बल्कि सरकार का तंत्र लोगों की बेहतर सेवा भी कर सके। 

वे मंगलवार को गांधीनगर से राज्य के पंचायत, ग्राम गृह निर्माण और ग्राम विकास विभाग की ओर से अमरेली जिला पंचायत, डोलवण-थराद और भिलोड़ा तहसील पंचायतों के २६.१७ करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित भवनों के ई-लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे। 

इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों-सेवासदनों में अपने काम के संबंध में आने वाला आवेदक और निवेदनकर्ता व्यक्ति अपना काम होने के विश्वास और तसल्ली के साथ वापस जाए ऐसी कार्यसंस्कृति गुजरात में विकसित हुई है। 

उन्होंने कहा कि गांधी जी के ग्राम स्वराज और पूर्व मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता के पंचायती राज व्यवस्था के विचारों को गुजरात ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के असरदार कार्यान्वयन से साकार किया है। 

उन्होंने कहा कि पंचायती राज्य व्यवस्था के कारण ही ग्राम पंचायत से लेकर तहसील जिला पंचायतों का सर्वांगीण विकास करने से ऐसी स्थिति का निर्माण हुआ है कि गांवों को भी अपनी सरकार का अनुभव होता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मा गांव की हो और सुविधा शहर की इस अवधारणा पर राज्य के गांवों को सुविधाओं से लैस कर विकास को कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं गांवों को मुहैया कराकर सर्वांगीण विकास की मंशा को पूरा किया है।  
रूपाणी ने कहा कि राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. जीवराज मेहता और पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अमरसिंह चौधरी के पैतृक गांव अमरेली में जिला पंचायत और डोलवण में तहसील पंचायत के नए भवनों के लोकार्पण अवसर को अपने जीवन का सौभाग्य पल करार दिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कोरोना संक्रमण की इस मुश्किल घड़ी में भी विकास के कार्य रुके नहीं और रोजाना की गतिविधियां भी चलती रहे ऐसी रणनीति व्यथा नहीं व्यवस्था के मंत्र के साथ अपनाई है।

उन्होंने पूरी दुनिया सहित देश में संक्रमण की स्थिति में समय पर उठाए गए कदमों और गहन स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के कारण गुजरात में पॉजिटिव मामलों पर नियंत्रण पाने और मृत्यु दर में लगातार हो रही कमी का उल्लेख किया। उन्होंने ग्रामीण क्षत्रों में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित रखने के लिए सतर्कता बरतने का अनुरोध किया था।

उन्होंने पंचायत के ये भवन गरीब, वंचित, किसान और ग्रामीण नागरिकों की अपेक्षाओं की परिपूर्ति करने वाले सेवा केंद्र बनेंगे ऐसा विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि किसान, गरीब, छोटे कारीगर सभी को कोरोना के बाद की आर्थिक स्थिति में बल प्रदान करने के लिए १४ हजार करोड़ रुपए का गुजरात आत्मनिर्भर पैकेज घोषित किया है।  

मुख्यमंत्री ने गांव समृद्ध तो खेती और किसान समृद्ध, किसान समृद्ध तो शहर समृद्ध और शहर समृद्ध तो गुजरात राज्य समृद्ध की संकल्पना का भी जिक्र किया।  पंचायत राज्य मंत्री जयद्रथसिंह परमार ने कहा कि  गुजरात ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ग्रामीण स्तर तक स्थानीय निकाय की संस्थाओं को विकास के पर्याप्त अवसर और पर्याप्त धनराशि श्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में मुहैया कराई है। 

पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके राकेश ने ई-लोकार्पण कार्यक्रम में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने राज्य की  ११ जिला पंचायतों, १२८ तहसील पंचायतों और ३११२ ग्राम पंचायतों को नए भवन निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान कर धन आवंटित कर दिया है।