गांधीनगर: मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सफल शासन के पांचवें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर शुक्रवार को 5,300 करोड़ रुपए की बहुउद्देशीय भाड़भूत बैराज परियोजना का उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल की उपस्थिति में गांधीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यारंभ कराया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि गुजरात को उत्तम से सर्वोत्तम बनाने के साथ जल आत्मनिर्भर और वाटर सरप्लस स्टेट बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ यह योजना वर्ल्ड क्लास आइकोनिक प्रोजेक्ट के रूप में गुजरात को विश्व के वाटर प्रोजेक्ट मानचित्र में स्थापित करेगी।

उन्होंने कहा कि पानीदार गुजरात की अभिलाषा इस भाड़भूत परियोजना से साकार होगी और यह बड़ा प्रोजेक्ट आने वाले समय में ‘गुजरात मॉडल’ बनेगा।

रूपाणी ने कहा कि नर्मदा के किनारे बसे भरुच और अंकलेश्वर जैसे क्षेत्रों में भाड़भूत परियोजना मीठा पानी पहुंचाने के साथ ही क्षारीयता को आगे बढ़ने से रोकने और सिंचाई तथा उद्योगों को भी पर्याप्त पानी मुहैया कराने में उपकारी साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की निविदा को फूलप्रूफ पारदर्शिता के साथ सभी तकनीकी मुद्दों की व्यापक छानबीन के बाद मंजूरी दी गई है।

भरुच जिले को इस परियोजना के शुभारंभ अवसर पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इससे 21 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी मिलेगा तथा हजीरा और दहेज के बीच छह लेन ब्रिज बनने से दोनों के बीच की दूरी 18 किलोमीटर घट जाएगी। इतना ही नहीं,  मछली पकड़ने का भी अलग चैनल बनने से माछीमारी को भी तेजी मिलेगी।

नर्मदा परिक्रमा की महत्ता का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि भाड़भूत परियोजना साकार होने पर परिक्रमा रूट पर मौजूद स्थलों के तटों का कटाव भी रुकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपेक्षा जताई कि भरुच क्षेत्र की पानी की दीर्घकालिक समस्या का सुखद समाधान इस योजना के माध्यम से करने के लिए कल्पसर विभाग समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ते हुए योजना को तय समय पर पूरा करेगा।

उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल ने इस अवसर पर कहा कि नर्मदा के किनारे बसे होने के बावजूद बरसों से मीठे पानी के अभाव का दंश झेल रहे भरुच और अंकलेश्वर सहित कई अन्य क्षेत्रों को अब इस समस्या से निजात मिलेगी।  पटेल ने कहा कि राज्य के 4 करोड़ से अधिक लोगों को नर्मदा के पानी का लाभ मिलता है। यही नहीं, लाखों हेक्टेयर भूमि भी नर्मदा के नीर से सिंचित होती है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भरुच क्षेत्र में नर्मदा नदी के पानी में समुद्र के खारे पानी की व्यापक आवक होने के कारण क्षारीयता बढ़ती जा रही थी और पीने के लिए भी मीठा पानी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से यह भाड़भूत बैराज परियोजना साकार होने जा रही है, जो भरुच एवं अंकलेश्वर क्षेत्र की कायापलट कर देगी। उप मुख्यमंत्री ने इस बहुउद्देशीय परियोजना के समूचे आयोजन कौशल के लिए कल्पसर प्रभाग को बधाई दी।