मेरान्यूज नेटवर्क.गुजरात:  देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालु माई भक्तों की आस्था का केंद्र उत्तर गुजरात का आद्यशक्ति पीठ अंबाजी धाम गुजरात का पहला ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल बना है, जिसे आईएसओ ९००१ : २०१५ प्रमाण पत्र मिला है।  

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गुरुवार को यह आईएसओ ९००१ : २०१५ प्रमाण पत्र यात्राधाम विकास मंत्री दिलीपकुमार ठाकोर और राज्य मंत्री विभावरीबेन दवे की उपस्थिति में पर्यटन व यात्राधाम सचिव श्रीमती ममता वर्मा और आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष व बनासकांठा के कलेक्टर संदीप सांगले को गांधीनगर में सौंप कर इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। 

समग्र मंदिर परिसर के सुनियोजित संचालन, गब्बर पर उपलब्ध सुविधाओं तथा प्रसाद एवं अन्य खाद्य सामग्री तथा यात्री निवास सहूलियतों के सरल संचालन के साथ ही अंबाजी क्षेत्र में ट्रस्ट की ओर से किए जाने वाले विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन और सेवा गतिविधियों जैसे अहम मुद्दों की वजह से आद्यशक्ति पीठ अंबाजी मंदिर का इस प्रमाण पत्र के लिए चयन किया गया है। 

अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) ब्रिटेन का एक संगठन है जो आईएसओ प्रमाणीकरण के लिए संबंधित संस्थान या संगठनों का उनकी गुणवत्तायुक्त सेवाओं, पर्यावरण संरक्षण के उपायों और सुरक्षा जैसे  व्यापक मामलों के मूल्यांकन के आधार पर चयन करता है।

गुजरात के आद्यशक्ति पीठ अंबाजी मंदिर ट्रस्ट ने इस आईएसओ ९००१ : २०१५ प्रमाण पत्र के लिए यात्राधाम विकास मंत्री दिलीपकुमार ठाकोर और राज्य मंत्री विभावरीबेन दवे के मार्गदर्शन में आवेदन दिया था जिसके फलस्वरूप आईएसओ के मानदंडों पर अंबाजी मंदिर ट्रस्ट के खरा उतरने पर यह प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। 

यह प्रमाण पत्र तीन वर्ष के लिए मान्य है। यही नहीं, हर साल सर्विलांस ऑडिट के जरिए विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार की जांच भी होती है। 

आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट को यह आईएसओ ९००१ : २०१५ प्रमाण पत्र इस तीर्थ स्थल में आने वाले यात्रियों को पूजा, हवन, पार्किंग, दान, तत्काल चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता, प्रसाद व्यवस्था, निवास सुविधा जैसे मामलों की जानकारी के लिए डेडिकेटेड हेल्थ सेंटर की सुविधा, साइंटिफिक एप्रोच के साथ सीसीटीवी सर्विलांस तथा महत्वपूर्ण स्थलों पर रणनीतिक सुरक्षा निगरानी एवं सुरक्षित और स्वच्छ भोजन और प्रसाद जैसी विभिन्न सुविधाओं में उत्कृष्टता के लिए दिया किया गया है।