मेरान्यूज नेटवर्क.अहमदाबाद : तीन दिनों पहले एक युवक खुदकुशी के लिए साबरमती नदीमें कूद गया। लेकिन इस दौरान वह झाड़ियों में फंस गया और तीन दिनों तक भूखा प्यासा पड़ा रहा। बुधवार को एक मछुआरे की नजर युवक पर पड़ी। और स्थानीय लोगों समेत दमकल विभाग द्वारा उसे सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया है। प्राथमिक जानकारी में युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की हकीकत सामने आई है। 

संवाददाता के मुताबिक, युवक की पहचान 42 साल के त्रिलोकसिंह नकुम के रूपमें हुई है। तीन दिनों पूर्व वह खुदकुशी के इरादे से साबरमती नदीमें कूद गया। और केशवनगर रेलवे पुल से टॉरेंट पावर तक नदी में जंगली झाड़ियों के बीच फंस गया। आज अचानक वह मदद के लिए चिल्लाने लगा। और एक मछुआरे की नजर उस पर पड़ने के बाद स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। और दमकल विभाग को सूचित किया गया।

मामले की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। और काफी महेनत के बाद युवक को सुरक्षित रुपसे बाहर निकाला गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम बताने के साथ ही खुदकुशी के लिए नदीमें छलांग लगाई होने की बात कही। हालांकि पता पूछे जाने पर वह अलग-अलग जगहों का नाम बताने लगा। जिसके चलते मानसिक रुपसे अस्वस्थ होने की आशंका के साथ उसको अस्पताल भेजा गया है। 

स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को बताया कि, युवक तकरीबन तीन दिनों से वही पर था। इस नदी में लोग नारियल, पैसे या अन्य चीजों की तलाश में कूदते हैं, तो कोई मछली पकड़ने के लिए नदी में कूद जाता है। इसलिए यह युवक भी इन सबके लिए ही नदी में कूदा होगा, ऐसा मानकर किसीने ध्यान नही दिया ।लेकिन आज जब उसने चिल्लाना शुरु कीया तो, उन्होंने ही दमकल विभाग को सूचित किया था।