मेरान्यूज नेटवर्क.अहमदाबाद : नवापुरा के कोविड़ -19 श्रेय अस्पताल में 5 अगस्त को देर रात लगी आग में कोरोना के आठ मरीज झुलस गए थे। इस मामले में अस्पताल के ट्रस्टी भरत महंत को पुलिस ने आज हिरासत में लिया और कोरोना का परीक्षण किया, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस जांच में पता चला है कि जब अस्पताल में आग लगी थी, तब अस्पताल प्रबंधन द्वारा दमकल विभाग व पुलिस को समय पर सूचित नहीं करने के कारण आग फैल गई। और 8 मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

पुलिस के मुताबिक, जब देर रात आग लगी, तो वहां कोई कर्मचारी नहीं थे, बल्कि मरीज ने आग की सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी थी,और इतना ही नही आईसीयू वॉर्ड की खिड़कीयां भी स्क्रू द्वारा बंद की गई थी। इसलिए वेंटिलेशन की कमी के कारण धुआं बाहर नही निकल सका, और कोरोना के आठ मरीजों की दम घुटने और जलने से मौत हो गई थी। निरीक्षण और फायर ऑडिट नहीं किया जा सकता था क्योंकि वहां फायर एनओसी ही नहीं थी।

बतादे कि, कल गृह सचिव संगीता सिंघ और अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेशपुरी ने राज्य सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद राज्य सरकार ने पूरे ही मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए। जिसके हिस्से के रूप में, राज्य सरकार ने आज सेवानिवृत्त न्यायाधीश केए पुज की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया है। यह जांच आयोग तीन महीने में पूरे मामले की जांच करेगा और राज्य सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगा।