मेरान्यूज नेटवर्क.गांधीनगर: मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि अग्रिम आयोजन, एहतियात और मंत्रियों से लेकर राज्य सरकार के छोटे से छोटे कर्मचारी के सक्रिय प्रयासों तथा गुजरात के लोगों के अभूतपूर्व सहयोग से गुजरात चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ से मुक्त हो गया है। 

मंगलवार देर शाम स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में मीडिया के माध्यम से गुजरात को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात से विशेष रूप से प्रभावित जिलों में सरकार के सभी विभाग युद्धस्तर पर रिस्टोरेशन और राहत कार्य शुरू करेंगे। आगामी दो दिनों में परिस्थिति को पूर्ववत करने और जनजीवन बहाल करने के हिसाब से कार्यवाही की जाएगी। 

उन्होंने यह भी कहा कि ‘जीरो कैजुअल्टी’ के दृष्टिकोण के साथ राज्य सरकार ने मुस्तैदी के साथ पूरा आयोजन किया था। राज्य सरकार के इन नम्र प्रयासों के चलते ऐसे तीव्र चक्रवात में भी मात्र १३ व्यक्तियों ने अपनी जान गंवाई है उसमें भी ज्यादातर की मृत्यु आकस्मिक घटनाओं के कारण हुई है। 

रूपाणी ने कहा कि कल यानी बुधवार से राज्य सरकार के संबंधित विभाग प्रभावित जिलों में नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण कार्य शुरू करेंगे। प्राथमिक चरण में मकान, खेतीबाड़ी, पशुपालन और मत्स्योद्योग को जो नुकसान पहुंचा है उसका सर्वेक्षण किया जाएगा। जिन जिलों में विशेष नुकसान हुआ है, वहां पड़ोसी जिलों के अधिकारियों को भी सर्वेक्षण के कार्य में शामिल किया जाएगा ताकि यह कार्य तेजी से हो सके। उन्होंने कहा कि तमाम पात्र व्यक्तियों को सरकारी नियमानुसार कैशडोल्स, घरेलू वस्तुएं और अन्य आर्थिक सहायता तत्काल प्रदान करने का कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उठाए गए एहतियाती कदमों के कारण गुजरात के एक भी कोविड हॉस्पिटल में मरीजों को कोई तकलीफ नहीं हुई है। गुजरात में कुल ४२५ कोविड हॉस्पिटल में से १२२ हॉस्पिटल चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में थे। उसमें से ८३ हॉस्पिटलों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, उसके बावजूद सभी हॉस्पिटलों में जनरेटर सेट और डीजल की पूर्व व्यवस्था होने के कारण एक पल के लिए भी बिजली आपूर्ति में अवरोध पैदा नहीं हुआ।


 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित जिलों गिर-सोमनाथ, भावनगर, अमरेली, जूनागढ़, पोरबंदर, सुरेन्द्रनगर, बोटाद, अहमदाबाद और गांधीनगर के कलक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर विस्तृत ब्यौरा हासिल किया। यही नहीं, सभी जिलों के प्रशासनिक तंत्र को रिस्टोरेशन यानी मरम्मत और बहाली के कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने  के निर्देश भी दिए हैं। 

चक्रवात के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की कई घटनाएं सामने आई हैं, परिणामस्वरूप कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। राज्य के ५९५१ गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। मंगलवार शाम तक उसमें से २१०१ गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था को पूर्ववत करने के लिए मोबाइल कंपनियों के साथ ताकीद की बैठक कर मोबाइल टावर्स और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर कल शाम तक पूर्ववत हो जाएं ऐसे प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। 

चक्रवाती तूफान के कारण बिजली के खंभे गिरने और सबस्टेशन में पानी भरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। मुख्यमंत्री ने उस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि २२० केवी के ५ सबस्टेशन और ६६ केवी के १६५ सबस्टेशन प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार की बिजली कंपनियों ने लगभग ९५० टीमों को काम पर लगाया है और कल यानी बुधवार रात तक पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति बहाल हो जाए उस तरह से कार्य शुरू कर दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि राज्य में ६९,४२९ बिजली के खंभे चक्रवात के कारण टूट गए हैं, लेकिन राज्य सरकार के पास ८१ हजार संबंधित विभाग के पास उपलब्ध हैं, इसलिए सभी खंभों को बदलने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। 


 

 

 

 

 

सड़क परिवहन के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पेड़ गिरने के कारण गुजरात की ६७४ सड़कें कामचलाऊ रूप से बंद पर थीं, उसमें से ५६२ सड़कों पर परिवहन पूर्ववत हो गया है। ११२ सड़कों की मरम्मत और साफ-सफाई का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। 

रूपाणी ने कहा कि समग्र प्रशासनिक तंत्र अगले दो दिनों के लिए रिस्टोरेशन और राहत कार्य करेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चक्रवात के बाद जल जनित रोग को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण भी शुरू करेगी। सभी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर साफ-सफाई की आवश्यकता होने के कारण सूरत, राजकोट और जामनगर जैसे महानगर पालिका क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर सफाईकर्मियों को चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। कल सुबह से साफ-सफाई का कार्य शुरू करने का आयोजन  है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात से ग्रीष्मकालीन फसल को कम नुकसान पहुंचा है लेकिन आम और नारियल जैसी फसलों का बड़ा नुकसान हुआ है। राज्य सरकार नुकसान के सर्वेक्षण कार्य शुरू करेगी और नियमानुसार आगे इस पर निर्णय लिया जाएगा।