COVER STORY

रिश्तेदारों ने भी नहीं अपनाया, लेकिन वामन स्वरूप भाई-बहन ने नहीं छोड़ा एकदूसरे का साथ

Rajkot,RajkotRajkot Raksha Bandhan 2020

मेरान्यूज नेटवर्क.राजकोट :आज भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन है। ऐसे में राजकोट के वामन स्वरूप उन भाई-बहनों की बात करते हैं जिन्हें उनके ही परिवार के सदस्यों ने छोड़ दिया था, लेकिन भाई-बहन ने कभी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। हरेशभाई और चम्पाबेन मूल रूप से मनावाड़ के निवासी हैं। 

उन्होंने 7-8 साल पहले माता-पिता की छत्रछाया खो दी थी, तब उनके रिश्तेदारों ने भी उन्हें नहीं अपनाया था। लेकिन इन भाई-बहनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा और वे राजकोट के बोलबाला चैरिटेबल ट्रस्ट में शामिल हो गए। आज वे आत्मनिर्भर हैं। वामन रूपी इस भाई-बहन ने भी आज आज रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाया था।

हरेशभाई और चंपाबेन पिछले 6 सालों से इस ट्रस्ट के साथ काम कर रहे हैं। जिसके चलते अब दोनों के बैंक खातों में 6 लाख रुपये से अधिक रकम जमा हो चुकी हैं। चंपाबेन-हरेशभाई का घर और कार्यालय राजकोट का बोलबाला चैरिटेबल ट्रस्ट है। दोनों का कहना है कि, हम जो कुछ भी है, बोलबाला ट्रस्ट की वजह से है। हमने निर्णय लिया है कि, हम अपनी आखिरी सांस तक बोलबाला ट्रस्ट में काम करेंगे।

 

 

 

ALL STORIES

Loading..

ADVERTISE
WITH US


CALL US
+91-9998 3349 86   |   +91-9909 9434 98
MAIL US
meraonlinenews@gmail.com