मेरान्यूज नेटवर्क.राजकोट: शहर में पिछले २५ वर्षों से सफाईकर्मीयों की भर्ती करने के बजाय कॉन्ट्रैक्ट पर ही काम करवाया जा रहा है। उसमें भी अन्य विकसित शहरों की तुलना में कम वेतन मिलने के आक्षेप समेत विविध मांगो के चलते दो दिनों से सफाईकर्मी कॉर्पोरेशन कचहरी के पास तंबू लगाकर विरोध कर रहे है। लेकिन अधिकारियों द्वारा इस शांत विरोध का कोई जवाब नही मिलने पर आज गुस्साए सफाईकर्मीयों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया था।

आज शहर के मुख्य मार्गो पर सफाईकर्मीयों द्वारा रैली निकली गई थी। बादमें यह रैली कॉर्पोरेशन कचहरी पर पहुंची थी। जहाँ गुस्साए लोगोंने अपने ही खून की बोतल भरी थी। और यह बोतल म्युनिसिपल कमिश्नर को देने का प्रयास किया था। ऐसे में कमिश्नर उपस्थित न होने के कारण सफाईकर्मीयों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। और उन्होंने कमिश्नर ऑफिस के पास हल्ला मचाया था।

घटना के कारण अनिच्छनीय बनाव रोकने के लिए खास विजिलेंस और पुलिस का बंदोबस्त तैनात करना पड़ा था। हालांकि बादमेंउच्च अधिकारियों के समजाने पर सफाईकर्मीयों ने आधे घंटे का वक़्त दिया था। और अगर कमिश्नर से मुलाकात नहीं हुई तो मुख्यमंत्री रुपाणी के घर जाने की चिमकी सफाईकर्मीयों द्वारा दी गई थी।

वाल्मीकि समाज के आगेवानो के मुताबिक, कमिश्नर सफाईकर्मीयों की भर्ती नही कर के वैसे भी हमारा खून चूस रहे है। इसलिए हमने उनको अपना खून निकालकर देने का फैसला किया है। कल भी हम अपने कामकाज से दूर ही रहेंगे। और आज के दिन में कमिश्नर पानी नही मिले तो पहले हम उसके घर जाकर खून की बोतल देने का प्रयास करेंगे और वहां पर भी वो नहीं मिले तो हम मुख्यमंत्री रुपाणी के घर के पास प्रदर्शन करेंगे।